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सिकंदर रजा अंतरराष्ट्रीय टी20 में शतक लगाने वाले पूर्णकालिक देशों के सबसे उम्रदराज बल्लेबाज बने


खेल 30 October 2026
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सिकंदर रजा अंतरराष्ट्रीय टी20 में शतक लगाने वाले पूर्णकालिक देशों के सबसे उम्रदराज बल्लेबाज बने

जिम्बाब्वे के अनुभवी ऑलराउंडर सिकंदर रजा ने अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट में इतिहास रच दिया है। अफगानिस्तान के खिलाफ शानदार शतकीय पारी खेलकर उन्होंने एक ऐसा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है, जो लंबे समय तक याद रखा जाएगा। रजा अब पूर्णकालिक सदस्य देशों (Full Member Nations) की ओर से टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शतक लगाने वाले सबसे उम्रदराज बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने 40 साल और 188 दिन की उम्र में यह उपलब्धि हासिल की। इससे पहले यह रिकॉर्ड जिम्बाब्वे के ही ब्रेंडन टेलर के नाम था, जिन्होंने 39 साल और 234 दिन की उम्र में शतक लगाया था। रजा ने इस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए अपनी शानदार बल्लेबाजी से साबित कर दिया कि उम्र उनके खेल के आड़े नहीं आती

अफगानिस्तान और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज का दूसरा मुकाबला शारजाह क्रिकेट स्टेडियम में खेला गया। इस मैच में अफगानिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए सात विकेट के नुकसान पर 221 रन बनाए। इसके जवाब में जिम्बाब्वे की टीम निर्धारित 20 ओवर में पांच विकेट खोकर 202 रन ही बना सकी और मुकाबला 19 रन से हार गई। हालांकि, जिम्बाब्वे को जीत नहीं मिली, लेकिन कप्तान सिकंदर रजा की बल्लेबाजी ने इस मुकाबले को खास बना दिया। उन्होंने मुश्किल परिस्थितियों में टीम की जिम्मेदारी संभाली और शानदार शतक जड़कर क्रिकेट प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींचा

लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम ने शुरुआती ओवरों में ही लगातार विकेट गंवा दिए और एक समय उसका स्कोर पांच विकेट पर 82 रन था। ऐसे मुश्किल हालात में सिकंदर रजा ने मोर्चा संभाला। उन्होंने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए अफगानिस्तान के गेंदबाजों का सामना किया और केवल 56 गेंदों में नाबाद 106 रन बना दिए। उनकी इस पारी में पांच चौके और नौ शानदार छक्के शामिल रहे। रजा ने मैदान के चारों ओर शॉट लगाकर अपनी बल्लेबाजी का दम दिखाया। उन्होंने पदार्पण कर रहे तफाद्जवा त्सिगा के साथ छठे विकेट के लिए नाबाद 120 रनों की साझेदारी भी की। त्सिगा ने 23 गेंदों में नाबाद 31 रन बनाए। हालांकि, दोनों की कोशिश टीम को जीत दिलाने के लिए पर्याप्त नहीं रही।कुल मिलाकर सिकंदर रजा का यह शतक जिम्बाब्वे क्रिकेट के इतिहास में एक यादगार उपलब्धि बन गया है। भले ही उनकी टीम मुकाबला नहीं जीत सकी, लेकिन 40 साल की उम्र में इस तरह की विस्फोटक बल्लेबाजी करना उनकी फिटनेस, अनुभव और खेल के प्रति जुनून को दर्शाता है। रजा ने एक बार फिर साबित किया है कि क्रिकेट में उम्र सिर्फ एक आंकड़ा है और अनुभव के दम पर किसी भी उम्र में इतिहास रचा जा सकता है।

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