उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता दिवस के अवसर पर शुभकामनाएं दीं।
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में उपराष्ट्रपति ने कहा कि देश की सभ्यतागत विचारधारा 'सहकार' पर आधारित सहकारी समितियां किसानों, महिलाओं और छोटे उद्यमियों को सशक्त बनाने, समुदायों को मजबूत करने और समावेशी विकास को बढ़ावा देने में एक शक्तिशाली ताकत रही हैं।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता-पूर्व युग में अपनी शुरुआत से ही, सहकारी समितियां राष्ट्र निर्माण का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बन गई हैं, जो 'सहकार से समृद्धि' की भावना को मूर्त रूप देती हैं और 2047 में विकसित भारत के दृष्टिकोण में योगदान देती हैं।
श्री शाह ने कहा कि सहकारिता भारत की संस्कृति, सामूहिक शक्ति और आत्मनिर्भरता की नींव है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सहकारिता क्षेत्र को नई गति मिली है और इसका काफी विस्तार हुआ है।
मंत्री जी ने आगे कहा कि सहकारी विश्वविद्यालय, आधुनिक प्रशिक्षण केंद्र और उभरते क्षेत्रों में सहकारी संस्थाओं के सशक्तिकरण जैसी पहल किसानों, महिलाओं, लघु उद्यमियों और श्रमिकों को सशक्त बनाकर सहकार से समृद्धि के संकल्प को मजबूत कर रही हैं।















