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गिरिराज सिंह तीन अगस्त को 'हथकरघा प्रौद्योगिकी उत्कृष्टता केंद्र' का करेंगे उद्घाटन


देश 30 July 2026
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गिरिराज सिंह तीन अगस्त को 'हथकरघा प्रौद्योगिकी उत्कृष्टता केंद्र' का करेंगे उद्घाटन

डिजिटल प्रौद्योगिकियों के माध्यम से भारत के हथकरघा क्षेत्र को और मजबूत करने के उद्देश्य से तीन अगस्त को आईआईटी दिल्ली में 'हथकरघा प्रौद्योगिकी उत्कृष्टता केंद्र' कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह इसका उद्घाटन करेंगे।

वस्त्र मंत्रालय के अनुसार केंद्र सरकार के 11.99 करोड़ रुपये के निवेश से स्थापित यह केंद्र एक राष्ट्रीय ज्ञान और नवाचार हब के रूप में कार्य करेगा। इसका मुख्य उद्देश्य भारत की पारंपरिक हथकरघा विरासत को आधुनिक अनुसंधान, एआई और डिजिटल तकनीकों से जोड़ना है। यह केंद्र शिक्षाविदों, उद्योग जगत, डिजाइनरों, प्रौद्योगिकीविदों और स्टार्टअप्स को एक मंच पर लाएगा।

अगले पांच वर्षों में यह केंद्र हथकरघा ज्ञान का एक राष्ट्रीय डिजिटल भंडार विकसित करेगा। एआई-सक्षम उपकरण और बेहतर करघा प्रौद्योगिकियां तैयार करेगा। पेटेंट, अनुसंधान और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देगा। देशभर के बुनकरों और पेशेवरों को आधुनिक प्रशिक्षण प्रदान करेगा।

उद्घाटन समारोह के दौरान हथकरघा क्षेत्र को आधुनिक बनाने के लिए 5 मुख्य पहलों की भी शुरुआत की जाएगी।

इनमें पहली हैंडलूम 4.0: प्रत्येक करघे के लिए एक डिजिटल साथी, जो बुनकरों को उत्पादकता और स्थिरता मापने में मदद करेगा।

दूसरी हैंडलूम ई-विद्या: बुनकरों और छात्रों के लिए एक समस्या-आधारित डिजिटल शिक्षण और ज्ञान केंद्र।

तीसरी पहल हैंडलूमएक्स: हथकरघा क्षेत्र में नए स्टार्टअप्स और नवाचारों को बढ़ावा देने वाला एक्सेलेरेटर प्लेटफॉर्म।

चौथी कलागृह हैंडलूम स्टूडियो: डिजिटल विजुअलाइजेशन और कस्टमाइजेशन के जरिए नई पीढ़ी को हथकरघा से जोड़ने का स्टूडियो।

पांचवी पहल थ्रेड्स ऑफ वैलोर: पुनर्चक्रित रक्षा वस्त्रों को प्रीमियम हथकरघा उत्पादों में बदलेगी।

भारत का हथकरघा क्षेत्र वर्तमान में 35 लाख से अधिक बुनकरों और श्रमिकों को रोजगार देता है, जिनमें लगभग 70 प्रतिशत महिलाएं हैं। उत्पादकता, बाजार प्रतिस्पर्धा और तकनीक अपनाने जैसी चुनौतियों से जूझ रहे इस क्षेत्र के लिए आईआईटी दिल्ली में स्थापित यह नया केंद्र एक मील का पत्थर साबित होगा।

उद्घाटन समारोह में वस्त्र राज्यमंत्री पबित्रा मार्गेरिटा, वस्त्र सचिव नीलम शमी राव, विकास आयुक्त (हथकरघा) डॉ. एम. बीना समेत वस्त्र मंत्रालय और आईआईटी दिल्ली के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहेंगे।

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