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'सुरक्षा-2026' इन-प्लांट सेफ्टी सर्किल प्रतियोगिता के विजेताओं का सम्मान


शहर 06 August 2026
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'सुरक्षा-2026' इन-प्लांट सेफ्टी सर्किल प्रतियोगिता के विजेताओं का सम्मान

भिलाई  भिलाई इस्पात संयंत्र के सुरक्षा अभियांत्रिकी विभाग द्वारा आयोजित 'सुरक्षा-2026' के विजेता प्रतिभागियों को मानव संसाधन विकास केन्द्र के सभागार में 4 अगस्त को आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि जेएलएन अस्पताल एवं अनुसंधान केन्द्र के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. उदय कुमार द्वारा सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में महाप्रबंधक (सुरक्षा अभियांत्रिकी) श्रीमती पुष्पा एम्ब्रोस तथा महाप्रबंधक (सुरक्षा अभियांत्रिकी) एस. के. अग्रवाल सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, प्रतिभागी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे। 

मुख्य अतिथि डॉ. उदय कुमार ने अपने संबोधन में औद्योगिक सुरक्षा के स्वास्थ्य संबंधी महत्व पर विशेष बल देते हुए कहा कि अस्पताल में आने वाले अधिकांश औद्योगिक दुर्घटना के मामलों को सतर्कता और निर्धारित सुरक्षा मानकों के पालन से रोका जा सकता है। कार्यस्थल पर सुरक्षा नियमों का पालन कर दुर्घटनाओं को रोकना प्रत्येक कर्मचारी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि क्षणिक लापरवाही भी गंभीर दुर्घटना, स्थायी विकलांगता अथवा अपूरणीय क्षति का कारण बन सकती है। इसलिए प्रत्येक कर्मचारी को अपने दायित्वों का निर्वहन करते समय सुरक्षा मानकों का पूर्णतः पालन करना चाहिए।

कार्यक्रम का शुभारंभ सहायक महाप्रबंधक (सुरक्षा अभियांत्रिकी) अजय टल्लू द्वारा सभी उपस्थितजनों को सुरक्षा शपथ दिलाकर किया गया। स्वागत उद्बोधन देते हुए श्रीमती पुष्पा एम्ब्रोस ने कहा कि सुरक्षित कार्य संस्कृति किसी भी औद्योगिक संगठन की सबसे बड़ी शक्ति होती है। उन्होंने प्रतियोगिता में भाग लेने वाली सभी टीमों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे नवाचार न केवल दुर्घटनाओं की रोकथाम में सहायक हैं, बल्कि पूरे संयंत्र में सुरक्षा के प्रति जागरूकता एवं उत्तरदायित्व की भावना को भी सुदृढ़ करते हैं। उन्होंने संयंत्र के प्रत्येक कार्यस्थल तक सुरक्षा का संदेश पहुँचाने तथा 'सेफ्टी फर्स्ट' की भावना को व्यवहार में अपनाने का आह्वान किया।

प्रतियोगिता में जल प्रबंधन विभाग की टीम 'सेवियर्स ने पंपों की रोटर असेंबली में सुरक्षा सुधार विषयक अभिनव एवं व्यवहारिक समाधान प्रस्तुत कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। विजेता टीम को ₹25,000 की नकद पुरस्कार राशि, प्रशस्ति पत्र तथा स्मृति-चिह्न प्रदान किया गया। द्वितीय स्थान बीआरएम की टीम 'आरोहण' ने प्राप्त किया, जिसे ₹15,000 की पुरस्कार राशि, प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति-चिह्न प्रदान किए गए। वहीं, ईएमडी की टीम 'ऊर्जा' ने तृतीय स्थान अर्जित करते हुए ₹10,000 की पुरस्कार राशि, प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति-चिह्न प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त आरएमपी-3 की टीम 'गगन एलडीसीपी', 'अनुसंधान सीओसीसीडी' तथा 'आकर्षण एसपी-3' की टीम को प्रशस्ति पत्र, टोकन गिफ्ट एवं स्मृति-चिह्न प्रदान कर सांत्वना पुरस्कार से सम्मानित किया गया।  

प्रतियोगिता का मूल्यांकन दो चरणों में संपन्न हुआ, जिसमें प्रतिभागी टीमों की केस स्टडी एवं पावर-पॉइंट प्रस्तुतियों का विशेषज्ञ निर्णायक मंडल द्वारा तकनीकी, व्यावहारिक एवं नवाचार के विभिन्न मानकों पर विस्तृत मूल्यांकन किया गया। विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े आठ विशेषज्ञ निर्णायकों ने निष्पक्ष, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण मूल्यांकन सुनिश्चित किया। 

कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए महाप्रबंधक (सुरक्षा अभियांत्रिकी) एस. के. अग्रवाल ने कहा कि इस प्रतियोगिता में कोई भी प्रतिभागी पराजित नहीं है। कार्यस्थल सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से प्रत्येक टीम द्वारा प्रस्तुत परियोजना और उसके पीछे किया गया प्रयास अपने आप में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा से जुड़े ऐसे नवाचार न केवल संभावित जोखिमों को कम करने में सहायक हैं, बल्कि भिलाई इस्पात संयंत्र में सुरक्षा संस्कृति को और अधिक सशक्त एवं प्रभावी बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने प्रतियोगिता में सहभागी सभी टीमों, फेसिलिटेटर्स, निर्णायक मंडल, मानव संसाधन विकास केन्द्र तथा सुरक्षा अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रति कार्यक्रम के सफल आयोजन एवं सक्रिय सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन सहायक महाप्रबंधक (सुरक्षा अभियांत्रिकी) अनुराग पाठक ने किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में उप महाप्रबंधक (सुरक्षा अभियांत्रिकी) अरिजीत, सहायक महाप्रबंधक (सुरक्षा अभियांत्रिकी) अखिल मिश्र एवं जेईए (सुरक्षा अभियांत्रिकी) वेंकटपति राजू तथा यामिनी ने महत्वपूर्ण योगदान प्रदान किया। 

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