1 अक्टूबर से ‘No PUCC, No Fuel’ अभियान होगा तेज
सरकार के मुताबिक, 1 अक्टूबर से ‘No
PUCC, No Fuel’ अभियान को दिल्ली के सभी 500 ऐसे
पेट्रोल पंपों पर तेज किया जाएगा, जहां ANPR सिस्टम लगा है. वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) नहीं रखने वाले वाहनों को ईंधन नहीं दिया जाएगा. निर्धारित अवधि पूरी कर
चुके वाहनों पर भी यह नियम लागू होगा.
वहीं, 1 नवंबर से दिल्ली के बाहर पंजीकृत ऐसे पेट्रोल और
डीजल वाहनों के प्रवेश पर रोक होगी, जो BS-VI मानकों को पूरा नहीं करते. CNG और इलेक्ट्रिक वाहनों
को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है.
निर्माण गतिविधियों पर
चरणबद्ध प्रतिबंध
सर्दियों में धूल और निर्माण से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित
करने के लिए भी कई कदम उठाए गए हैं. 1 नवंबर से 31
जनवरी तक धूल पैदा करने वाली तोड़फोड़ और खुले में होने वाली सिविल
निर्माण गतिविधियों पर रोक रहेगी.
इसके अलावा 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक निर्माण और तोड़फोड़ की गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया
जाएगा. सभी निर्माण स्थलों पर 100 प्रतिशत CCTV कवरेज अनिवार्य किया गया है.
सरकारी और निजी दफ्तरों में 50%
WFH
वाहनों से होने वाले प्रदूषण और ट्रैफिक को कम करने के लिए 1 नवंबर से सरकारी और निजी कार्यालयों में 50 प्रतिशत
वर्क फ्रॉम होम लागू किया जाएगा. कर्मचारियों को सप्ताह में दो दिन घर से काम करने
की व्यवस्था भी की जाएगी.
MCD के कार्यालय सुबह 8:30 बजे
से शाम 5 बजे तक और दिल्ली सरकार के कार्यालय सुबह 10
बजे से शाम 6:30 बजे तक संचालित होंगे.
अधिकृत पार्किंग स्थलों पर पार्किंग शुल्क भी दोगुना किया जाएगा.
हालांकि, मेट्रो पार्किंग सुविधाओं को इससे बाहर रखा गया
है.
सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा
देने पर जोर
सरकार ने सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल को बढ़ाने का लक्ष्य रखा
है. दिल्ली में फिलहाल 6,840 बसें चल रही हैं, जिनमें
5,088 इलेक्ट्रिक बसें शामिल हैं.
सरकार का लक्ष्य रोजाना मेट्रो यात्रियों की संख्या बढ़ाकर 72 लाख और DTC बसों की सवारियों की संख्या 42 लाख तक पहुंचाना है. अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी बेहतर करने के लिए 1
से 10 अक्टूबर तक Delhi Metro Sarathi
App को बढ़ावा देने का अभियान चलाया जाएगा.
3,000 किलोमीटर सड़कों के
पुनर्विकास का लक्ष्य
सड़क की धूल से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए करीब 3,000
किलोमीटर सड़कों के पुनर्विकास का लक्ष्य रखा गया है. सरकार के
अनुसार, इनमें से 1,193 किलोमीटर पर
काम पूरा हो चुका है.
इसके साथ ही डीप क्लीनिंग, मैकेनिकल
स्वीपिंग, पानी का छिड़काव, फुटपाथों
में सुधार और खाली जमीन पर हरियाली बढ़ाने के काम को भी तेज किया जाएगा.
37 हॉटस्पॉट की साप्ताहिक
निगरानी
वायु गुणवत्ता और ट्रैफिक से जुड़े 37 चिन्हित
हॉटस्पॉट पर हर सप्ताह निरीक्षण किया जाएगा. सांसद, विधायक,
पार्षद और नोडल अधिकारी इन इलाकों की निगरानी करेंगे.
सरकार ने 15 प्रमुख सड़क मार्गों पर यातायात को सिग्नल-फ्री
और जाम-मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है. इनमें से आठ सड़क मार्गों पर काम पूरा होने
का दावा किया गया है.
औद्योगिक प्रदूषण पर भी
कार्रवाई
सरकार के मुताबिक, प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक
इकाइयों के खिलाफ भी कार्रवाई जारी है. 11,271 इकाइयों के
सर्वे के बाद 2,283 प्रदूषणकारी इकाइयों को सील या बंद किया
गया है.
इसके अलावा वाहन स्क्रैपेज और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने
के लिए Parivartan Yojana और EV Policy 2026 के तहत प्रोत्साहन जारी रखा जाएगा.
1 अक्टूबर से AI आधारित कंट्रोल सेंटर
प्रदूषण की निगरानी और कार्रवाई को बेहतर बनाने के लिए AI आधारित Command and Control Centre 1 अक्टूबर से
पूरी तरह संचालित होगा. इसके लिए दो शिफ्ट में 334 प्रवर्तन
टीमें काम करेंगी.
लोग Green Delhi App के जरिए प्रदूषण से जुड़ी शिकायत
दर्ज करा सकेंगे. इसके अलावा सुझाव देने के लिए एक अलग पोर्टल भी उपलब्ध कराया
जाएगा.
‘Zero Burning’ अभियान भी
चलेगा
विंटर एक्शन प्लान में Zero Burning Campaign भी शामिल है. इसके तहत खुले में कचरा जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के साथ
सुरक्षा गार्डों के लिए हीटिंग की व्यवस्था और मैकेनाइज्ड रोड क्लीनिंग बढ़ाने पर
जोर दिया जाएगा.
सरकार के मुताबिक, मैकेनिकल रोड स्वीपिंग
मशीनों की संख्या बढ़ाकर 98 कर दी गई है और ये दो शिफ्ट में
काम करेंगी.
लोगों से भी सहयोग की अपील
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लोगों से प्रदूषण कम करने के अभियान
में भागीदार बनने की अपील की. उन्होंने दिल्लीवासियों से सार्वजनिक परिवहन का
इस्तेमाल करने, कारपूलिंग अपनाने, खुले में
कचरा नहीं जलाने, वाहनों का PUCC प्रमाणपत्र
वैध रखने, धूल पर नियंत्रण रखने, कचरे
को अलग-अलग करने और हरित क्षेत्रों की सुरक्षा में सहयोग करने को कहा















