भारतीय
क्रिकेट टीम के अनुभवी लेग स्पिनर 2 अक्टूबर 2026 को सोशल
मीडिया पर एक भावुक पोस्ट के जरिए अपने फैसले की जानकारी दी. हालांकि, उनका क्रिकेट करियर अभी खत्म नहीं हुआ है. लॉर्ड्स में खेला आखिरी फर्स्ट क्लास मैच
चहल ने अपने फर्स्ट क्लास करियर का
आखिरी मुकाबला इंग्लैंड में नॉर्थम्पटनशायर की ओर से खेला. यह मैच लॉर्ड्स में
मिडिलसेक्स के खिलाफ काउंटी चैंपियनशिप डिविजन-2 का मुकाबला था. इस मैच
में चहल ने दो विकेट हासिल किए. नॉर्थम्पटनशायर को इस मुकाबले में सात विकेट से
हार मिली.
लॉर्ड्स में अपना आखिरी रेड-बॉल मैच
खेलना चहल के लिए खास मायने रखता है, क्योंकि इसी पोस्ट में
उन्होंने टेस्ट क्रिकेट के अपने अधूरे सपने का भी जिक्र किया.
युजवेंद्र चहल ने 2009 में हरियाणा के लिए फर्स्ट क्लास क्रिकेट में कदम रखा
था. अपने रेड-बॉल करियर में उन्होंने 49 मैच खेले और 148
विकेट लिए. उनके नाम छह बार एक पारी में पांच या उससे ज्यादा विकेट
लेने का रिकॉर्ड भी रहा.
चहल का फर्स्ट क्लास क्रिकेट में
सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन एक पारी में छह विकेट लेने का रहा. हाल के वर्षों में वह
इंग्लैंड में नॉर्थम्पटनशायर के लिए काउंटी क्रिकेट भी खेलते रहे.
फर्स्ट क्लास (First-Class) क्रिकेट 3 या उससे अधिक
दिनों तक खेला जाने वाला फॉर्मेट है, जिसमें दोनों टीमों को
दो-दो पारियां खेलने का मौका मिलता है. इसे आईसीसी या किसी देश के राष्ट्रीय
क्रिकेट बोर्ड (जैसे भारत में बीसीसीआई) से आधिकारिक मान्यता प्राप्त होती है और
यह मुख्य रूप से लाल या गुलाबी गेंद से सफेद कपड़ों में खेला जाता है.
अंतरराष्ट्रीय टेस्ट मैच, भारत की रणजी ट्रॉफी और इंग्लैंड
की काउंटी चैंपियनशिप इसके प्रमुख उदाहरण हैं.
काउंटी क्रिकेट में भी छोड़ी छाप
फर्स्ट क्लास क्रिकेट से संन्यास लेने
से पहले चहल ने नॉर्थम्पटनशायर के लिए काउंटी क्रिकेट में भी अच्छा प्रदर्शन किया.
2026 काउंटी चैंपियनशिप में उन्होंने 21 विकेट हासिल किए. रिपोर्ट के मुताबिक, डिविजन-2
में कम से कम 20 विकेट लेने वाले गेंदबाजों के
बीच उनका गेंदबाजी औसत 16.14 रहा.
युजवेंद्र चहल को भारत के लिए टेस्ट
क्रिकेट खेलने का मौका कभी नहीं मिला. उनका इंटरनेशनल करियर वनडे और टी20
इंटरनेशनल तक सीमित रहा है.
चहल ने भारत के लिए 72 वनडे और 80
टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं. उनका आखिरी
इंटरनेशनल मुकाबला अगस्त 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20
इंटरनेशनल था. वह 2024 में भारत की टी20
विश्व कप विजेता टीम का भी हिस्सा रहे थे.
चहल ने अपने संदेश में हरियाणा क्रिकेट संघ के साथ-साथ रणबीर सिंह
महिंद्रा और अनिरुद्ध सिंह चौधरी का भी धन्यवाद किया. उन्होंने अपने रेड-बॉल करियर
के दौरान मिले समर्थन, भरोसे और मौकों के लिए आभार जताया.
चहल ने अपने सफर को याद करते हुए कहा कि 10
साल की उम्र में पहली लाल गेंद हाथ में लेने से लेकर लॉर्ड्स में
अपना आखिरी फर्स्ट क्लास मैच खेलने तक का सफर उनके लिए बेहद खास रहा















