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कनाडा में दो भारतीय मूल के नेता बने मेयर: हर्षन रामदास ने फर्नी, तो सुरिंदरपाल ने विलियम्स लेक से दर्ज की जीत


विदेश 19 October 2026
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कनाडा में दो भारतीय मूल के नेता बने मेयर: हर्षन रामदास ने फर्नी, तो सुरिंदरपाल ने विलियम्स लेक से दर्ज की जीत

कनाडा में स्थानीय निकाय चुनावों में भारतीय मूल के दो नेताओं ने मेयर पद पर जीत दर्ज कर अपनी पहचान बनाई है। हर्षन रामदास ने फर्नी शहर के मेयर पद पर जीत हासिल की, जबकि सुरिंदरपाल ने विलियम्स लेक से मेयर का चुनाव जीता। इन दोनों नेताओं की सफलता को कनाडा में भारतीय मूल के लोगों की बढ़ती राजनीतिक भागीदारी के संदर्भ में देखा जा रहा है। विदेशों में बसे भारतीय मूल के लोग विभिन्न क्षेत्रों में अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं। राजनीति भी ऐसा ही एक क्षेत्र है, जहां भारतीय मूल के लोग स्थानीय प्रशासन से लेकर बड़े राजनीतिक पदों तक अपनी भूमिका निभा रहे हैं।

ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत में 17 अक्टूबर 2026 को हुए स्थानीय निकाय चुनावों में हर्षन रामदास ने फर्नी में 1,524 वोट हासिल कर अपने प्रतिद्वंद्वी काइल हैमिल्टन को हराया। रामदास को कुल मतों का 54.5 प्रतिशत प्राप्त हुआ।

बेंगलुरु विश्वविद्यालय के विश्वेश्वरैया कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले रामदास ने ब्रिटिश कोलंबिया विश्वविद्यालय के सॉडर स्कूल ऑफ बिजनेस से एमबीए भी किया है। वह वर्ष 2011 में फर्नी पहुंचे थे और मेयर बनने से पहले चार साल तक नगर परिषद के सदस्य के रूप में कार्य कर चुके थे। उन्होंने अपनी जीत के बाद समुदाय का आभार जताते हुए सहयोग, जवाबदेही और स्थानीय लोगों के हितों को प्राथमिकता देने की बात कही।

विलियम्स लेक में सुरिंदरपाल राठौर ने भी मेयर पद पर अपनी जीत दोहराई। उन्होंने 2,116 वोट प्राप्त किए, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी वॉल्ट कॉब को 1,026 वोट मिले। इस तरह राठौर ने लगभग 66.5 प्रतिशत मत हासिल कर दूसरा कार्यकाल सुनिश्चित किया

कनाडा में भारतीय मूल के नेताओं की ये सफलताएं वहां के बहुसांस्कृतिक समाज और स्थानीय राजनीति में विविध समुदायों की भागीदारी को रेखांकित करती हैं। नगरपालिकाओं में मेयर की भूमिका महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि स्थानीय प्रशासन के माध्यम से आवास, बुनियादी सुविधाओं, बजट, विकास योजनाओं और नागरिक सेवाओं से जुड़े मुद्दों पर काम किया जाता है। हालांकि दोनों शहरों की स्थानीय जरूरतें अलग-अलग हैं, लेकिन नए कार्यकाल में नागरिकों की अपेक्षाओं पर खरा उतरना दोनों नेताओं के लिए महत्वपूर्ण होगा। इन चुनाव परिणामों ने भारतीय मूल के समुदाय के बीच भी चर्चा पैदा की है और यह दिखाया है कि स्थानीय स्तर पर लंबे समय तक सक्रिय रहना राजनीतिक प्रतिनिधित्व का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकता है।

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